मध्य प्रदेश का प्राचीन इतिहास - प्रागैतिहासिक, आद्य ऐतिहासिक, ऐतिहासिक काल
मध्य प्रदेश का इतिहास तीन मुख्य कालखंडों में विभाजित किया जा सकता है:-
प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Period) -
- मानव सभ्यता का प्रारंभ
- भीमबेटका की गुफाएँ (रायसेन जिला)
- मानव शिकारी-संग्रहकर्ता
आद्य ऐतिहासिक काल (Proto-Historic Period)-
- मानव समाज व्यवस्थित
- चांदी, तांबे और लोहे का उपयोग
- मालवा, विदिशा और बुंदेलखंड क्षेत्र में विकसित सभ्यताओं के प्रमाण
- एरण (सागर), कायथा (उज्जैन), नवदाटोली (धार) से इस युग की सभ्यता के अवशेष
- मिट्टी के बर्तन, तांबे और लोहे के औजारों का उपयोग
ऐतिहासिक काल (Historical Period)-
मध्य प्रदेश कई महत्वपूर्ण राजवंशों के अधीन-
- मौर्य काल (322-185 ई.पू.): अशोक के शिलालेख (एरण, उज्जैन, गुना)
- शुंग काल (185-75 ई.पू.): विदिशा इस काल में महत्वपूर्ण केंद्र
- सातवाहन और नागवंश (100-300 ई.): नागों ने पद्मावती और विदिशा पर शासन
- गुप्त काल (319-550 ई.): चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने उज्जयिनी को अपने शासन का केंद्र
- हर्षवर्धन (606-647 ई.): इस काल में मालवा क्षेत्र
- गुर्जर-प्रतिहार, कलचुरी और परमार राजवंश (8वीं-12वीं शताब्दी): धार के परमार राजा भोज
- चंदेल और गोंड राजवंश (12वीं-18वीं शताब्दी): खजुराहो के मंदिर चंदेलों के शासनकाल में
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