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Showing posts from January, 2025

QUIZ 1 - भोजन की परंपरा

 1. भोजन की परंपराओं का मुख्य उद्देश्य क्या है? (A) केवल स्वाद को बढ़ाना (B) केवल धार्मिक क्रियाओं का हिस्सा बनाना (C) सांस्कृतिक पहचान, पोषण और सामाजिक एकता बनाए रखना (D) केवल महंगे भोजन को बढ़ावा देना ✅ उत्तर: (C) सांस्कृतिक पहचान, पोषण और सामाजिक एकता बनाए रखना 2. भारत में "खाद्य सुदृढ़ीकरण (Food Fortification)" का उद्देश्य क्या है? (A) भोजन की पैकेजिंग को आकर्षक बनाना (B) खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को पूरा करना (C) केवल निर्यात किए जाने वाले खाद्य पदार्थों को सुरक्षित बनाना (D) सभी भोजन को जैविक (ऑर्गेनिक) बनाना ✅ उत्तर: (B) खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को पूरा करना 3. भारत में "आयोडीन युक्त नमक" अनिवार्य रूप से किस कमी को दूर करने के लिए अपनाया गया? (A) विटामिन C की कमी (B) प्रोटीन की कमी (C) थायराइड से संबंधित समस्याओं को रोकने के लिए (D) कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए ✅ उत्तर: (C) थायराइड से संबंधित समस्याओं को रोकने के लिए 4. मध्य प्रदेश की प्रमुख जनजातीय भोजन परंपरा में निम्नलिखित में से कौन सा प्रमुख अनाज शामिल है? ...

भोजन की परंपरा और उनका महत्व। खाद्य सुदृढ़ीकरण की भूमिका। भारत में सही खाने की चुनौती का पहलू। मध्य प्रदेश का जनजातीय भोजन।

 भोजन की परंपरा और उनका महत्व भोजन केवल जीवन को बनाए रखने का साधन ही नहीं है, बल्कि यह किसी भी समाज और संस्कृति का अभिन्न अंग होता है। भारत जैसे विविधता वाले देश में भोजन की परंपराएँ अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों, जलवायु, कृषि पद्धतियों और सांस्कृतिक परंपराओं पर निर्भर करती हैं। भोजन की परंपरा के महत्वपूर्ण पहलू सांस्कृतिक पहचान – हर क्षेत्र की अपनी अनूठी भोजन परंपरा होती है, जो वहां की संस्कृति को दर्शाती है। उदाहरण: बंगाल में मछली-भात, पंजाब में सरसों का साग और मक्के की रोटी। धार्मिक मान्यताएँ – भोजन का संबंध विभिन्न धर्मों से भी जुड़ा हुआ है। उदाहरण: हिंदू धर्म में सात्विक भोजन, मुस्लिम समुदाय में हलाल भोजन, जैन धर्म में बिना कंद-मूल का भोजन। आयुर्वेद और पारंपरिक ज्ञान – प्राचीन काल से ही भोजन को औषधीय गुणों के अनुसार ग्रहण किया जाता रहा है।उदाहरण: हल्दी वाला दूध (इम्यूनिटी बूस्टर), छाछ (पाचन सुधारक)। त्योहारों और विशेष अवसरों का हिस्सा – भारत में भोजन विशेष अवसरों और त्योहारों का अभिन्न अंग होता है।उदाहरण: दीपावली पर मिठाइयाँ, होली पर गुजिया, ईद पर सेवईं। मौसमी प्रभाव – विभिन्न ऋ...

QUIZ 1 - भोजन का इतिहास और उसका संरक्षण

  भोजन का इतिहास और उसका संरक्षण - MCQs भोजन का इतिहास कब से शुरू हुआ? A) 15,000 साल पहले B) 10,000 साल पहले C) 5,000 साल पहले D) 2,000 साल पहले प्राचीन मानवों ने भोजन को किसके माध्यम से संरक्षित किया था? A) ताप से B) धूप से C) ठंडे स्थानों पर रखा D) औजारों के माध्यम से किसने भोजन के संरक्षण के लिए सबसे पहले नमक का उपयोग किया था? A) रोमन सभ्यता B) मेसोपोटामिया सभ्यता C) मिस्र सभ्यता D) ग्रीक सभ्यता भोजन के संरक्षण के लिए सबसे पुरानी विधि क्या मानी जाती है? A) फ्रीज़िंग B) सूखा करना C) हलका गरम करना D) टिन में बंद करना किसी भोजन में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकने के लिए "पैस्चराइजेशन" विधि का प्रयोग किया जाता है, इसका सबसे पहला उदाहरण कौन सा था? A) दूध B) मांस C) फल D) अनाज "टिन कनिंग" (Tin Canning) की प्रक्रिया किसके लिए प्रसिद्ध है? A) मांस और मछली B) फल और सब्जियां C) अनाज और दालें D) दूध और उसके उत्पाद भोजन का संरक्षण किस उद्देश्य से किया जाता है? A) पोषक तत्वों को बनाए रखना B) स्वाद को संरक्षित करना C) लम्बे समय तक भंडारण करना D) उपरोक्त सभी किस प्रक्रिया द्वार...

भोजन का इतिहास और उसका संरक्षण

 मानव ने हमेशा खाद्य पदार्थों को सहेजने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया है ताकि उन्हें समय-समय पर उपयोग किया जा सके, खासकर जब संसाधन सीमित हों या यात्रा के दौरान खाद्य की आवश्यकता हो. प्रारंभिक खाद्य संरक्षण के तरीके - सुखाना (Drying) - सबसे प्राचीन और सरल तरीका था। मनुष्य ने खाद्य पदार्थों को सूखने के लिए सूरज की रोशनी या हवा का इस्तेमाल किया।  उदाहरण: प्राचीन सभ्यताएँ जैसे कि मिस्र, ग्रीस, और रोम में अनाज, फल, और मछलियों को सुखाने का प्रचलन था। नमक लगाना और संरक्षित करना (Salting and Curing):  मांस और मछलियों को नमक के साथ संरक्षित किया जाता था क्योंकि नमक से नमी बाहर निकल जाती है और बैक्टीरिया का विकास रुक जाता है। अन्य यूरोपीय सभ्यताएँ मांस और मछलियों को सर्दियों के लिए नमक लगाकर संरक्षित करती थीं। किण्वन (Fermentation):  किण्वन एक प्राचीन तरीका है, जिसमें सूक्ष्मजीव (जैसे बैक्टीरिया, खमीर और कवक) खाद्य पदार्थों में शर्करा को शराब या अम्ल में बदल देते हैं, जिससे खाद्य सुरक्षित रहता है।  उदाहरण: बीयर, शराब, पनीर, और दही सभी किण्वन के परिणाम...

Syllabus of Food Security

Unit 1- बुनियादी खाद्य विज्ञान का परिचय (Introduction to Basic Food Science) भोजन का इतिहास और उसका संरक्षण (History of food and its preservation). भोजन की परंपरा और उनका महत्व। खाद्य सुदृढ़ीकरण की भूमिका। भारत में सही खाने की चुनौती का पहलू। मध्य प्रदेश का जनजातीय भोजन । (Tradition of food and their importance. Role of food fortification. Aspect of eat right challenge in India. Tribal food of Madhya Pradesh.) खाद्य घटक: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन, वसा, खनिज, एंजाइम। रासायनिक संरचना, वर्गीकरण और कार्य। (Food Constituents: Carbohydrates, Proteins, Vitamins, Fat, Minerals, Enzymes. Chemical Structure, Classification and functions.) चयापचय मार्ग, पाचन और अवशोषण, कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, प्रोटीन, विटामिन, फाइबर, खनिज। (Metabolic Pathway, Digestion and Absorption, Carbohydrates, Lipids, Proteins, Vitamins, Fibre, Minerals.) भोजन के गुण- भौतिक, अम्ल, क्षार और बफर, रासायनिक, कोलाइड (Properties of Food- Physical, Acid, Base & Buffer, Chemical, Colloids) ---------------------------...

भारतीय परमाणु अनुसन्धान

 परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापना 10 अगस्त 1948  को डॉ होमी जे भाभा की अध्यक्षता में की गयी।  परमाणु ऊर्जा विभाग की स्थापना - अगस्त 1954  अध्यक्ष प्रधानमंत्री  प्रमुख केंद्र  भाभा परमाणु अनुसन्धान केंद्र (BARK) - ट्राम्बे (मुंबई) इंदिरा गांधी परमाणु अनुसन्धान केंद्र - कलपक्कम (तमिलनाडु) 1971  उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र (CAT) - इंदौर 1984  परमाणु परीक्षण - भारत का पहला परमाणु परीक्षण  - 18  मई 1974  पोखरण (जैसलमेर, राजस्थान )

भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान

 भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान  भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान समिति का गठन  - 1962 अध्यक्ष - विक्रम साराभाई  भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुवात - 1963 भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक - विक्रम साराभाई  भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन - 15 अगस्त 1969 अंतरिक्ष कार्यक्रमों का सुचारु रूप से सञ्चालन हो इसके लिए अंतरिक्ष आयोग और विभाग - 1972 विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र - तिरुअनंतपुरम, केरल  इसरो उपग्रह केंद्र - बंगलुरु  राष्ट्रीय दूरसंवेदी एजेंसी - हैदराबाद  आर्यभट्ट   स्वदेशी तकनीक से बना पहला भारतीय उपग्रह, 19 अप्रैल 1975 सोवियत संघ  भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह - सौर तुल्यकालिक उपग्रह श्रेणी  भारतीय भूमि से भारतीय प्रक्षेपण यान द्वारा प्रक्षेपित पहला उपग्रह - रोहिणी आर एस I   भारत का पहला संचार उपग्रह - एप्पल  भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली - इनसेट - बहुद्देशीय उपग्रह प्रणाली, इसका उपयोग लम्बी दुरी के दूरसंचार एवं दूरदर्शन प्रसारण को बेहतर बनाने के लिए उपयोग किया जाता ह। इस श्रेणी में चौथी श्रेणी के उपग्रहों का प्रक्षेपण हो चुका...